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भारत में 'स्वयंवर' प्राचीन काल की परंपरा है, जिसमें युवतियों को अपना जीवनसाथी चुनने का हक होता था। लेकिन समय के साथ ही यह परंपरा भी खत्म हो गई। हालांकि गुजरात में तरणेतर एक ऐसी जगह है, जहां इससे मिलती जुलती एक परंपरा अभी भी जारी है। गुजरात के सौराष्ट्र इलाके में एक ऐसे मेले का आयोजन होता है, जहां आदिवासी युवक-युवतियां सज-धज कर आते हैं और अपना जीवन साथी चुनते हैं। यहां हम आपको इस मेले के बारे में बता रहे हैं।

तरणेतर मेला का इतिहास 

गुजरात के सौराष्ट्र इलाके में स्थित थानगढ़ के पास एक जगह है तरणेतर, जहां इस मेले का आयोजन होता है। सौराष्ट्र का यह इलाका आदिवासी बहुल है। माना जाता है कि महाभारत काल से ही इस मेले का आयोजन होता आ रहा है और यह अर्जुन और द्रौपदी के स्वयंवर की परंपरा से जुड़ा हुआ है। तरणेतर मेला गुजरात के सबसे लोकप्रिय मेलों में से एक है। 

तरणेतर मेला का मुख्य आकर्षण 

स्वयंवर परंपरा 

अपने जीवनसाथी की तलाश में मेले में आने वाले आदिवासी युवक काफी सज-धज कर आते हैं। युवक पारंपरिक कपड़े पहन खुद की बनाई हुई रंगबिरंगी छतरियों के नीचे बैठते हैं और युवतियों का इंतजार करते हैं। वहीं, युवतियां भी अपने पारंपरिक कपड़ों में सज-धज कर मेले में आती हैं और जो अपना जीवन साथ चुनती हैं। इसके बाद दोनों परिवार आपस में बात कर शादी की तारीख तय करते हैं। 

पारंपरिक कपड़ों की प्रदर्शनी

यहां गुजरात के अलग-अलग इलाकों के पारंपरिक कपड़ों की प्रदर्शनी लगती है। कपड़ों के अलावा इस मेले में जानवरों की प्रदर्शनी के साथ अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है।

इन सब के अलावा, इस मेले में खाने, शॉपिंग और कई गेम्स के भी स्टॉल होते हैं जो आपके बच्चों को भी व्यस्त रख सकते हैं। गुजरात पर्यटन, तारनेतार मेले में आने वाले लोगों के लिए पैकेज देता है और उन्हें आवास और बहुत कुछ प्रदान करता है। तो फिर आप किस बात का इंतज़ार कर रहे हैं?

तरणेतर मेला 2021 की तारीखें 

चार दिनों तक चलने वाला यह मेला ऐतिहासिक त्रिनेश्वर मंदिर आसपास लगता है। मंदिर के पास स्थित तालाब में स्नान करने के लिए काफी भीड़ रहती है। मान्यता है कि इसमें स्नान करने से गंगा नदी में स्नान करने जैसा पुण्य मिलता है। इस साल यह मेला 08 सितंबर से शुरू होकर 10 सितंबर 2021 तक चलने वाला है।

तरणेतर मेला कैसे पहुंचें

तरणेतर मेला स्थल तक पहुंचना बहुत आसान है। इस स्थान से राजकोट एयरपोर्ट सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है। राजकोट के लिए अहमदाबाद और मुंबई से हवाई सेवा उपलब्ध है। मेला स्थल से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन थानगढ़ है, जो 8 किमी की दूरी पर है। यह रेलवे स्टेशन अहमदाबाद-राजकोट रेल लाइन से जुड़ा हुआ है। वहीं यहां सड़क के रास्ते भी आसानी से पहुंचा जा सकता है। राजकोट से तरणेतर की दूरी 75 किलोमिटर है, जबकि अहमदाबाद से 215 किलोमिटर है। राज्य परिवहन की बस सेवा से भी यहां पहुंचा जा सकता है।

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  • 3 दिन

  • मेला

  • गुजरात
  • कार्यक्रम की तारीख

    08 September 2021 - 10 September 2021

  • स्थान

    तरनेतर

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