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भव्य इन्द्रावती नदी से निकलने वाला चित्रकूट जलप्रपात अपने आप में किसी जीवंत पेंटिंग सा लगता है। इस झरने के आस-पास का नजारा इतना खूबसूरत है कि सैलानी इस माहौल में खो से जाते हैं। जब कल-कल की आवाज़ करता झरने का पानी करीब 93 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है, तो आस-पास का इलाका शीतल जल की फुहारों में भीग जाता है। 

बस्तर जिले में स्थित यह मनमोहक झरना पश्चिमी जागदलपुर से करीब 38 किलोमीटर दूर है। बरसात के मौसम में इन वाटरफाल्स की चौड़ाई इतनी बढ़ जाती है कि इन्हें भारत के नियाग्रा फाल्स के नाम से भी बुलाया जाता है। इसके बाएं किनारे पर भगवान् शिव के मन्दिर के साथ-साथ अनेकों प्राकृतिक गुफाएं भी हैं, जिन्हें पार्वती गुफाएं कहा जाता है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के नजदीक स्थित इस झरने के अलावा यहां तीरथगढ़ वाटरफाल्स नामक एक और प्राकृतिक झरना भी है, जो देखने में बहुत खूबसूरत लगता है। 

चित्रकूट वाटरफाल्स क्यों जाएं

इस झरने के आस-पास का इलाका काफी घने जंगलों से घिरा है। इसलिए यहां बड़ी संख्या में रंग-बिरंगे पक्षी उड़ते देखे जा सकते हैं। इसके अलावा इस भव्य झरने से गिरते पानी का शोर इतना तेज़ होता है कि किसी और आवाज़ को सुन पाना लगभग असंभव सा लगता है। यह झरने बारिश के दिनों में और भी खूबसूरत लगने लगते हैं। ऐसा लगता है मानो पूरी दुनिया के सबसे सुंदर झरने बस यहीं हैं। 

चित्रकूट वाटरफाल्स में घूमने के मुख्य स्थळ

तीरथगढ़ वाटरफाल्स. चित्रकोट वाटरफाल्स की तरह ही यह भी एक बेहद खूबसूरत प्राकृतिक झरना है, जो कांगेर नदी पर स्थित है। यहां का नैसर्गिक सौन्दर्य हर पर्यटक को विस्मय से भर देता है। 

जगदलपुर. बस्तर स्थित यह प्यारा सा गांव अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और नजारों के लिए जाना जाता है। यह बस्तर का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है और बड़ी संख्यां में लोग यहां घूमने आते हैं। इसलिए यहां की अर्थव्यवस्था के लिए भी यह स्थान काफी महत्व रखता है। 

इन्द्रावती नदी. दरअसल, यह गोदावरी नदी से निकलने वाली एक जलधारा है, जो जगदलपुर में पश्चिमी दिशा से प्रवेश करती है। इसे देख कर लगता है मानो यह नदी कितनी गंभीरता से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है। यहां की ऊंची-ऊंची पहाड़ी चोटियां बरसात के दिनों में और भी भव्य और मनमोहक लगने लगती हैं।

क्या करें 

भरत मिलाप मन्दिर. कहा जाता है कि जब भरत अपने बड़े भाई श्री राम को राजपट संभालने के लिए मनाने आये थे तो इसी स्थान पर भगवान राम उनसे मिले थे। हैरानी की बात ये है कि यहां आज भी भगवन राम और भरत के पैरों के निशान देखे जा सकते हैं।

गणेश बाग़. इस स्थान का जिक्र अनेकों धार्मिक और पौराणिक पुस्तकों में मिलता है। ऐसी मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान राम ने अपने 14 वर्षों के वनवास के 11 वर्ष व्यतीत किये थे। इस स्थान के पीछे भव्यता से खड़ी विन्ध्याचल पर्वत श्रृंखला इस पूरे इलाके की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है।

कालिंजर किला. जमीन से करीब 1,203 फीट की ऊंचाई पर बना यह किला प्राचीन काल की शानदार वास्तुशैली का शानदार उदहारण पेश करता है। यह इस इलाके की कुछ प्राचीनतम इमारतों में से एक है। इस किले का इतिहास बताता है कि बुंदेलखंड राजवंश के शासन के दौरान यह एक महत्वपूर्ण स्थान था।

छत्तीसगढ़ का खान-पान और पहनावा 

यहां के निवासी अपनी गर्मजोशी और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। यहां के लोगों को पढ़ने-लिखने, स्वादिष्ट भोजन और अच्छे कपडे़ पहनने का शौक है। छतीसगढ़ की महिलाएं कॉटन, सिल्क और लिनन से बनी पारम्परिक कछोरा साड़ी पहनती हैं। पुरुष कौंधी नाम की मोतियों से बनी माला तथा विशेष उत्सवों पर हाथ में कड़ा पहनते हैं। आमत, भजिया, चीला और फरा यहां के कुछ प्रसिद्ध व्यंजन हैं।

कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग. अगर आप यहां आने की योजना बना रहे हैं तो रायपुर हवाई अड्डा, यहां से सबसे निकटतम हवाई अड्डा है। दिल्ली, पुणे, मुंबई और बेंग्लुरु सहित देश के कई शहरों से यह एयरपोर्ट हवाई मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा है। 

रेल मार्ग. आप चाहें तो रायपुर तक ट्रेन द्वारा पहुंच कर चित्रकूट वाटरफाल्स पहुंच सकते हैं। लोकमान्य तिलक विशाखापट्टनम जंक्शन एक्सप्रेस, गीतांजलि एक्सप्रेस, राजगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस जैसे कुछ प्रचलित ट्रेनों के अलावा अन्य ढेरों ट्रेनों के जरिये आप रायपुर पहुंच सकते हैं। इसके बाद यहां से करीब 12 से 14 घंटे का रास्ता आपको सड़क द्वारा तय करना होगा। इस बीच आपको रेलवे स्टेशन के प्रतीक्षालय में या फिर किसी होटल में कुछ देर विश्राम के लिए ठहरना की जरूरत पड़ेगी। 

सड़क मार्ग. अगर आप अपने वाहन से छत्तीसगढ़ आने का प्रोग्राम बना रहे हैं तो निश्चित रूप से यह एक रोमांचकारी एवं यादगार रोड ट्रिप साबित हो सकता है। क्योंकि छत्तीसगढ़ सड़क मार्ग द्वारा देश के अन्य हिस्सों से बहुत ही अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है तथा दिल्ली, पुणे, मुंबई और बेंग्लुरु जैसे शहरों से यहां आप आसानी से पहुंच सकते हैं। 

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