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मुगल गार्डन दिल्ली में सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उद्यानों में से एक है और अलग-अलग प्रकार के फूलों के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें से कुछ फूलों की जाति तो बहुत दुर्लभ और कुछ विलुप्त हो गई है। यह विश्व में अकेला ऐसा गार्डन है जिसमें विश्वभर के रंग-बिरंगे फूलों को देखा जा सकता है। 4 फरवरी को उद्यानोत्सव 2020 के हिस्से के रूप में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उद्यान का उद्घाटन कर दिए है। जिसके बाद, यह गार्डन आम जनता के लिए खुल गया है। 

मुगल गार्डन का इतिहास 

मुगल गार्डन, राष्ट्रपति भवन के परिसर में भवन के पीछे के भाग में स्थित है और इस गार्डन को लॉर्ड हार्डिंगे की पत्नी लेडी हार्डिंगे के लिए बनाया गया था और प्रसिद्ध वास्तुकार सर ऐडविन लुटियंस ने इसे बनाया था। सर एडविन लुटियंस ने 1917 की शुरुआत में मुगल गार्डन के डिजाइन को अंतिम रूप दिया था। हालांकि, यह केवल 1928-1929 के दौरान ही पौधे लगाए गए थे। सबसे ख़ास तो यह है की, यह गार्डन लगभग 15 एकड़ जमीन में बना हुआ है।

कब से कब तक खुला है मुग़ल गार्डन 

साल 2020 में यह गार्डन 05 फरवरी से 08 मार्च के बीच सोमवार को छोड़कर सभी दिनों में सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक आम जनता के लिए खुला है। वर्तमान में,  राष्ट्रपति भवन के उद्यानों के विकास और रखरखाव के लिए तीन सौ से अधिक स्थायी और आकस्मिक कर्मचारी तैनात किए गए हैं। मुगल उद्यान हर साल वसंत ऋतु में केवल एक माह के लिये ही पर्यटकों के लिए खुलता है।

मुग़ल गार्डन जाने के लिए प्रवेश शुल्क 

सबसे अच्छी बात यह है कि राष्ट्रपति भवन परिसर में स्थित मुगल गार्डन घूमने के लिए आपको किसी तरह की कोई एंट्री फीस नहीं देनी पड़ती है। मुगल गार्डन में एंट्री फ्री है। यहां पूरे देश और दुनिया से लोग आते हैं सभी मुफ्त में मुगल गार्डन की सैर कर सकते हैं। इस बार खास यह है कि, आप लाइनों के झंझट से बचने के लिए अपनी पसंद के टाइम स्लॉट की बुकिंग राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट पर जाकर करा सकते हैं।

मुग़ल गार्डन में प्रवेश करने से जुड़ी जरुरी बातें 

मुग़ल गार्डन में प्रवेश करने के लिए तीन तरह के लाइन लगे होते हैं। जिसमें, पहला होता है ऑनलाइन बुकिंग वालों की लाइन। दूसरा, ऑफलाइन बुकिंग वालों के लिए और तीसरा तथा लास्ट कैटेगरी में आता है सामान (बैग इत्यादि) स्कैन करवाने की लाइन। 

अगर आप मुग़ल गार्डन जाने की सोच रहे हैं तो प्रयास करें कि पर्स और मोबाइल के अलावा कुछ सामान लेकर हीं ना जाएं। अगर, आप ले जाते हैं तो फिर उसके लिए सामान स्कैन करवाने की लाइन में लगना होगा और फिर सामन को अमानती घर में जमा करवा कर रशीद लेनी होगी। जो कि, काफी लंबा और समय लगने वाला प्रॉसेस है। 

ध्यान रखें कि मुगल गार्डन घूमने का समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होता है।

मुग़ल गार्डन में क्या-क्या ले जाने की है अनुमति 

-मोबाइल और छोटा पर्स। यही दो सामान हैं जिसे लेकर आप मुग़ल गार्डन के अंदर जा सकते हैं। 

-मुग़ल गार्डन की खूबसूरती को आप अपने मोबाइल में भी कैद करते हैं। साथ ही, राष्ट्रपति भवन परिसर में आप अपनी फोटो भी खींच सकते हैं, जो कि आपके सैर को जीवनभर के लिए यादगार बना देगा। 

मुग़ल गार्डन में मिलने वाली सुविधाएं 

-पेयजल
-शौचालय
-प्राथमिक चिकित्सा
-चिकित्सा सुविधा और 
-वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों सहित सभी लोगों के आराम करने के लिए रेस्ट रूम 

मुग़ल गार्डन में खाएं और करें खरीददारी 

स्नैक्स 

मुग़ल गार्डन में आगंतुकों के लिए स्नैक्स और आइस-क्रीम के भी स्टॉल बनाये गए हैं। जहाँ आप घूमने के बाद सस्ती दरों पर मिल रहे स्नैक्स का भी स्वाद चख सकते हैं। 

खरीददारी 

-बागवानी के शौक़ीन व्यक्तियों के लिए ऑर्गनिक खाद के भी लगाए गए हैं, जहां आप उचित दरों पर उत्तम खाद खरीद सकते हैं। साथ ही, अर्टिफिशियल फूलों की भी ख़रीददारी भी कर सकते हैं। 

-टेलरिंग स्कूल कल्याण केंद्र के द्वारा शक्ति हाट के नाम से भी एक स्टॉल है जहां आप कपड़ों की ख़रीददारी कर सकते हैं। 

-इसके अलावा, राष्ट्रपति भवन के नाम और लोगो लगे ऐसे ख़ास सामान भी खरीद सकते हैं जो आपके घर की शोभा बढ़ाने के साथ आपको बार-बार इस गार्डन की याद दिलाएगा। 

मुग़ल गार्डन को जानें 

बनावट के आधार पर मुगल गार्डन के चार भाग हैं। हर भाग का अपना अलग-अलग महत्व हैं। अगर घूमने से पहले आप पढ़ कर जाएंगे तो शायद आपका मज़ा और बढ़ जाए। 

चतुर्भुज आकारः यह उद्यान मुख्य भवन से सटा हुआ है। इसे चार भागों में बांटा गया है। उद्यान के मध्य भाग में राष्ट्रपति द्वारा स्वागत समारोहों और प्रीति भोजों का आयोजन किया जाता है। यह कुछ कुछ मुगल स्थापत्य के चार बाग शैली का आभास देता है।

लम्बा उद्यानः यहां से होकर वृत्ताकार उद्यान के लिए रास्ता जाता है। लम्बे उद्यान में गुलाबों के लम्बे-लम्बे गलियारे हैं जिनमें तराशी गई छोटी-छोटी छतरीनुमा झाड़ियाँ हैं, जो देखने में ऐसी प्रतीत होती है, जैसे एक खूबसूरत रंगीन विशाल गलीचा बिछा हो। वृत्ताकार उद्यान को पर्ल गार्डन या बटरफ्लाई गार्डन भी कहा जाता है। रंगों की छटा बिखेरते इस उद्यान में बीच-बीच में हरित पट्टियां हैं और इसके मध्य में एक फव्वारा भी है।

पर्दा गार्डनः ऊंची-ऊंची दीवारों से घिरा मुख्य उद्यान के पश्चिम में है। इसमें छोटी-छोटी तराशी गई झाड़ियों से घिरे गुलाबों के वर्गाकार उद्यान हैं। इसके दीवारों के किनारे-किनारे खूबसूरत चाइना ऑरेंज के वृक्ष है। फलों के मौसम में इन वृक्षों पर आभूषणों जैसे नजर आते फलों की संख्या पत्तियों से कहीं ज्यादा हो जाती है।

वृत्ताकार उद्यानः यह पश्चिमी किनारे पर स्थित है। इस में साल भर खिलते रहने वाले अनेक प्रजाति के फूलदार पौधे हैं। इस उद्यान के मध्य में स्थित फव्वारा इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा देता है। यहां लगे संगीतमय फव्वरों में रोमांचक फव्वारों के ऐसे जोड़े हैं, जिनसे शहनाई का संगीत और वन्दे मातरम की घुन निकलती है। साथ ही ये फव्बारे संगीत के साथ उतरते और चढ़ते हैं।

मुगल गार्डन के आसपास घूमने वाले जगह 

राष्ट्रपति भवन म्यूजियम - राष्ट्रपति भवन के गेट नंबर 30 से प्रवेश लेकर आप इस म्यूजियम को घूम सकते हैं। इसमें प्रवेश करने के लिए आपको 50 रुपये शुल्क देने होंगे।  

तालकटोरा गार्डन - राष्ट्रपति भवन म्यूजियम के ठीक सामने स्थित यह गार्डन काफी शांत और साफ़ है। यहां परिवार या गर्ल फ्रेंड के साथ छुट्टी बिताने के लिए भी आप सोच सकते हैं। इसमें प्रवेश के लिए आपको कोई शुल्क नहीं देने होंगे। 

गुरुद्वारा बंगला साहेब - यह खूबसूरत और धार्मिक जगह भी म्यूजियम के पास ही है। यह ऐसी जगह है जहां लोग बार-बार जाना पसंद करते हैं। अगर आप अभी तक नहीं गए हैं, फिर तो आपको जरूर जाना चाहिए। 

मुगल गार्डन कैसे जाएं 

दिल्ली भारत का एक राज्य है जो मेट्रो और राज्य द्वारा संचालित बसों के माध्यम से जुड़ा हुआ है। मुगल गार्डन का निकटतम मेट्रो स्टेशन केंद्रीय सचिवालय मेट्रो है, जो पीली लाइन पर स्थित है। रेल भवन की ओर एग्जिट करके आप आसानी से यहां पहुँच सकते हैं। यह गार्डन मेट्रो से लगभग 2 किलोमीटर दूर है। गार्डन पहुंचने के लिए आप ऑटो ले सकते हैं। 

हवाई मार्ग - अगर आप मुगल गार्डन के लिए हवाई यात्रा करना चाहते हैं तो बता दें कि यहाँ के लिए इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली का आधिकारिक हवाई अड्डा है जहां से मुगल गार्डन लगभग 10 किमी दूर है। यहां से आपको मुग़ल गार्डन तक पहुँचने के लिए आसानी से टैक्सी मिल जाएगी। 

सड़क मार्ग -  राजधानी दिल्ली के लिए कई राज्यों और शहरों से बसें व टैक्सी संचलित हैं जो छतरपुर क्षेत्र में जाती है। टैक्सी और बसों की मदद से आप आसानी से मुगल गार्डन तक पहुँच सकते हैं।

ट्रेन मार्ग - देश के किसी भी हिस्से से दिल्ली पहुंचने के बाद आप आसानी से यहां पहुँच सकते हैं। चूंकि, दिल्ली शहर में मेट्रो रेल अच्छी तरह से संचालित है। इसलिए, आपको किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी। आपको बात दें कि, मुग़ल गार्डन के सबसे नज़दीकी मेट्रो केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन हैं।

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